यह हादसा एक हफ्ते पहले का ही तो है।

यह हादसा एक हफ्ते पहले का ही तो है। जब 9 मई की रात को एक गाड़ी गुजरात के कच्छ से होते हुए गुजर रही थी।
नाले की पाइपलाइन बिछाने के लिए कॉन्ट्रैक्टरों ने यह road तोड़ रखा था और पंद्रह-बीस feet गहरा गड्ढा करके ऐसे ही छोड़ रखा था। कोई warning नहीं, कोई reflectors नहीं, कोई sign board नहीं, कुछ भी नहीं था।
इस गाड़ी के साथ ही दो बाइकें और आ रही थी। किसी को गड्ढा नहीं दिखा। पहले गाड़ी गिरी और फिर दोनों बाइकें भी गिर गई।
बाइक वालों में से एक की मौत हो गई और गाड़ी वालों में से दो की मौत हो गई।
अब इस हादसे की कलेजा कंपा देने वाली बात यह है कि गाड़ी में जिन दो लोगों की जान गई, उसमें से एक lady रेहाना हमीम समां थी।
इनकी एक दिन पहले ही delivery हुई थी और इस गाड़ी में मौजूद लोग पिछली शाम साढ़े छह बजे ही delivery के बाद hospital से discharge होकर इस गाड़ी में अपने घर जा रहे थे कि बीच में हादसा हो गया।
इस गाड़ी में अपनी मां की गोदी में सिर्फ और सिर्फ एक दिन का नवजात शिशु भी था, जिसने अपनी मां को इस दुनिया में आने के पहले दिन ही खो दिया।
यह बच्चा बड़ा होगा, यह जानकर कि उसकी मां की जान किसी नल्ले contractor या worker की लापरवाही की वजह से चली गई थी।
उस दिन, जिस दिन उसकी मां की life का सबसे best day था।
Plus उस contractor को कोई सजा नहीं होगी और उसका नाम कभी public के सामने भी नहीं आएगा।
एक border area की road जहां street lights तक नहीं है, वहां तुमने एक मौत का कुआ खोद रखा है और एक board तक नहीं लगाया। जब तक इन कॉन्ट्रैक्टरों की उन्हीं के खोदे हुए गड्ढे में नंगा खड़ा करके मार न लगाई जाए, तब तक ये नहीं सुधरने वाले।

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